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Tahzeeb Hafi poetry

@tahzebhafi

-तहज़ीब हाफि-تہذیب حافی۔
Poet-Pakistan
for collaboration [email protected]

ID: 2188339182

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تیرا چپ رہنا مرے ذہن میں کیا بیٹھ گیا اتنی آوازیں تجھے دیں کہ گلا بیٹھ گیا یوں نہیں ہے کہ فقط میں ہی اسے چاہتا ہوں جو بھی اس پیڑ کی چھاؤں میں گیا بیٹھ گیا اتنا میٹھا تھا وہ غصے بھرا لہجہ مت پوچھ اس نے جس جس کو بھی جانے کا کہا بیٹھ گیا

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तलिस्म ए यार ये पहलू निकाल लेता है कि पत्थरों से भी खुशबू निकाल लेता है है बेलिहाज़ कुछ ऐसा कि आंख लगते ही वो सर के नीचे से बाजू निकाल लेता है ~ तहज़ीब हाफ़ी #TahzeebHafi

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मैंने कब कहा.. वो मेरे हक़ में फ़ैसला करे। अगर वो मुझसे खुश नहीं है तो, मुझे जुदा करे। मैं उसके साथ, जिस तरह गुजारता हूं ज़िंदगी, उसे चाहिए कि, मेरा शुक्रिया अदा करे।। ~ तहज़ीब हाफी #TahzeebHafi

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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो تمہیں حسن پر دسترس ہے محبت وحبت بڑا جانتے ہو تو پھر یہ

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मुझे इन छतरियों से याद आया तुम्हें कुछ बारिशों से याद आया बहम आई हवा और रौशनी भी क़फ़स भी खिड़कियों से याद आया बदन पर फूल मुरझाने लगे हैं तुम्हारे नाख़ुनों से याद आया हज़ारों चाहने वाले थे इस के वो जंगल पंछियों से याद आया

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दिल को अब तुझ से जुदा हो कर भी जीना आ गया इस झरोके में हवा का ताज़ा झोंका आ गया एहतिरामन उँगलियों से होंट गीले कर लिए जब मिरी दहलीज़ पे ख़ुद बह के दरिया आ गया वो तो कहता था कि तुम से अच्छे सौ मिल जाएँगे आज उसे इस हाल में देखा तो रोना आ गया मारने वाला था अपने आप को उस रोज़ मैं

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वो लोग मेरे बहुत प्यार करने वाले थे गुज़र गए हैं जो मौसम गुज़रने वाले थे नई रुतों में दुखों के भी सिलसिले हैं नए वो ज़ख़्म ताज़ा हुए हैं जो भरने वाले थे ये किस मक़ाम पे सूझी तुझे बिछड़ने की कि अब तो जा के कहीं दिन सँवरने वाले थे وہ لوگ میرے بہت پیار کرنے والے تھے گزر گئے ہیں

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दिल मोहब्बत में मुब्तला हो जाए जो अभी तक न हो सका हो जाए दिल भी कैसा दरख़्त है 'हाफ़ी' जो तिरी याद से हरा हो जाए ~ तहज़ीब हाफ़ी

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मैंने कब कहा.. वो मेरे हक़ में फ़ैसला करे। अगर वो मुझसे खुश नहीं है तो, मुझे जुदा करे। मैं उसके साथ, जिस तरह गुजारता हूं ज़िंदगी, उसे चाहिए कि, मेरा शुक्रिया अदा करे।। ~ तहज़ीब हाफी #TahzeebHafi

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My deepest condolences to the families and loved ones of those who lost their lives in the tragic plane crash in India yesterday. My thoughts and prayers are with everyone affected by this heartbreaking incident. May the departed souls rest in peace.

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तलिस्म ए यार ये पहलू निकाल लेता है कि पत्थरों से भी खुशबू निकाल लेता है है बेलिहाज़ कुछ ऐसा कि आंख लगते ही वो सर के नीचे से बाजू निकाल लेता है ~ तहज़ीब हाफ़ी #TahzeebHafi